Wednesday, 8 June 2011

शिव पंचाक्षरस्त्रोतम

नागेन्द्राहाराय त्रिलोचनाय,
भस्मान्ग्राय महेश्वाराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,
तस्मै: न काराय नम: शिवाय।।

मन्दाकिनी सलिलचन्द्रचर्चिताय,
नन्दिश्वर प्रमथनाथ महेश्वाराय।
मन्दारपुष्पबहुपुष्प सपुजिताय,
तस्मै: म काराय नम: शिवाय।।

शिवाय गौरीवन्दनाब्जव्रिन्द,
सूर्यायदक्षाध्वर नाशकाय।
श्रीनीलाकण्ठाय व्रिषध्वजाय,
तस्मै: शि काराय नम: शिवाय।।

वशिष्ठकुम्भोब्ध्गौतमार्य,
मुनीन्द्रदेवार्चित शेखाराय।
चन्द्रार्कवैश्वानर लोचानाय,
तस्मै: व काराय नम: शिवाय।।

यक्षस्वरूपाय जटाधाराय,
पिनाकहस्तानाय सनातनाय।
दिव्याय दैवाय दिगम्बराय,
तस्मै: य काराय नम: शिवाय।।

पंचाक्षरमिदं पुण्यं य: पठेच्छिवसन्निदौ,
शिवलोकं वाप्नोति शिवेन सह मोदते।

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